पर्थ में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीता, भारत के दो बड़े बदलाव
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ का दूसरा मुक़ाबले पर्थ में खेला जा रहा है. टॉस ऑस्ट्रेलिया ने जीता और पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया है.
भारत ने अंतिम एकादश में दो बदलाव किए हैं. रोहित शर्मा की जगह हनुमा विहारी को टीम में जगह दी गई है, विहारी छठे नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए उतरेंगे. पर्थ के विकेट क्योंकि तेज़ गेंदबाज़ों के अनुकूल माना जाता है, इसलिए स्पिनर आर अश्विन की जगह उमेश यादव को एकादश में शामिल किया गया है.
भारत इस मैच में चार तेज़ गेंदबाज़ों के साथ उतरा है. ये हैं- ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह.
भारत पहला टेस्ट जीतकर सिरीज़ में 1-0 से आगे है. अगर पर्थ में भारत में मेजबान टीम को शिकस्त देने में कामयाब रहा तो न केवल ये उसकी 10 साल के बाद जीत होगी, बल्कि सिरीज़ में हार का विराट एंड कंपनी का डर भी जाता रहेगा.
वैसे दूसरा टेस्ट मैच पर्थ के नए ऑप्टस स्टेडियम में होगा. वहां आज तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया है. दरअसल, पहले अब तक पर्थ में मैच वहां बहने वाली स्वान नदी की दूसरी तरफ मौजूद स्टेडियम में खेले गए हैं और जानकारों की नज़र में नदी की दूसरी तरफ ऑप्टस स्टेडियम में भी तेज़ गेंदबाज़ों का बोलबाला होगा, वैसे भी पर्थ तेज़ गेंदबाज़ों के लिए स्वर्ग माना जाता है.
यह पहली बार है जब मैच ड्रॉप इन विकेट पर खेला जा रहा है. इन दिनों वहां गर्मी का मौसम है.
पर्थ में इससे पहले भारत साल 2012 में महेंद्र सिंह की कप्तानी में खेला था.
वह चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ का तीसरा टेस्ट मैच था जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को एक पारी और 37 रन से हराया था.
टीम में सहवाग-गंभीर जैसी सलामी जोड़ी और उसके बाद राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, विराट कोहली और कप्तान धोनी जैसे बल्लेबाज़ थे.
भारतीय टीम पहली पारी में महज़ 161 रन पर सिमट गई थी और मौजूदा कप्तान विराट कोहली ने सर्वाधिक 44 रन बनाए. जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 369 रन बनाए.
दूसरी पारी में भी भारत 171 रन पर ढेर हो गया और ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे ही दिन मैच अपने नाम कर लिया. दूसरी पारी में भी युवा विराट कोहली ने ही सर्वाधिक 75 रन बनाकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों से लोहा लिया.
वैसे एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के ऑफ़ स्पिनर नाथन लॉयन ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए पहली पारी में दो और दूसरी पारी में छह विकेट अपने नाम किए.
भारत ने अंतिम एकादश में दो बदलाव किए हैं. रोहित शर्मा की जगह हनुमा विहारी को टीम में जगह दी गई है, विहारी छठे नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए उतरेंगे. पर्थ के विकेट क्योंकि तेज़ गेंदबाज़ों के अनुकूल माना जाता है, इसलिए स्पिनर आर अश्विन की जगह उमेश यादव को एकादश में शामिल किया गया है.
भारत इस मैच में चार तेज़ गेंदबाज़ों के साथ उतरा है. ये हैं- ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह.
भारत पहला टेस्ट जीतकर सिरीज़ में 1-0 से आगे है. अगर पर्थ में भारत में मेजबान टीम को शिकस्त देने में कामयाब रहा तो न केवल ये उसकी 10 साल के बाद जीत होगी, बल्कि सिरीज़ में हार का विराट एंड कंपनी का डर भी जाता रहेगा.
वैसे दूसरा टेस्ट मैच पर्थ के नए ऑप्टस स्टेडियम में होगा. वहां आज तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया है. दरअसल, पहले अब तक पर्थ में मैच वहां बहने वाली स्वान नदी की दूसरी तरफ मौजूद स्टेडियम में खेले गए हैं और जानकारों की नज़र में नदी की दूसरी तरफ ऑप्टस स्टेडियम में भी तेज़ गेंदबाज़ों का बोलबाला होगा, वैसे भी पर्थ तेज़ गेंदबाज़ों के लिए स्वर्ग माना जाता है.
यह पहली बार है जब मैच ड्रॉप इन विकेट पर खेला जा रहा है. इन दिनों वहां गर्मी का मौसम है.
पर्थ में इससे पहले भारत साल 2012 में महेंद्र सिंह की कप्तानी में खेला था.
वह चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ का तीसरा टेस्ट मैच था जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को एक पारी और 37 रन से हराया था.
टीम में सहवाग-गंभीर जैसी सलामी जोड़ी और उसके बाद राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, विराट कोहली और कप्तान धोनी जैसे बल्लेबाज़ थे.
भारतीय टीम पहली पारी में महज़ 161 रन पर सिमट गई थी और मौजूदा कप्तान विराट कोहली ने सर्वाधिक 44 रन बनाए. जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 369 रन बनाए.
दूसरी पारी में भी भारत 171 रन पर ढेर हो गया और ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे ही दिन मैच अपने नाम कर लिया. दूसरी पारी में भी युवा विराट कोहली ने ही सर्वाधिक 75 रन बनाकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों से लोहा लिया.
वैसे एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के ऑफ़ स्पिनर नाथन लॉयन ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए पहली पारी में दो और दूसरी पारी में छह विकेट अपने नाम किए.
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