ऑस्कर अवॉर्ड जीतने वाली भारतीय लड़की की कहानी
भारत के एक गांव में सैनेटरी पैड बनाने वाली महिलाओं पर बनी डॉक्यूमेंट्री को ऑस्कर अवॉर्ड मिला है. 'पीरियडः इंड ऑफ सेन्टेंस' को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट कैटेगरी में यह अवार्ड मिला है. बीबीसी संवाददाता गीता पांडे ने ऑस्कर समारोह से पहले उन महिलाओं से उनके गांव में मुलाक़ात की थी. स्नेह 15 साल की थी, जब पहली बार उनका सामना माहवारी से हुआ था. उन्हें उस वक़्त समझ नहीं आया कि उनके साथ क्या हो रहा है. जब मैं उनसे मिलने उनके गांव काठीखेड़ा पहुंची तो उन्होंने मुझे बताया, "मैं बहुत डरी हुई थी. मुझे लगा कि मैं कुछ गंभीर बीमारी की शिकार हो गई हूं और रोने लगी." "मुझे अपनी मां को बताने की हिम्मत नहीं थी इसलिए मैंने अपनी चाची से बात की. उन्होंने कहाः तुम अब बड़ी हो गई हो, रोओ मत, यह सामान्य बात है. उन्होंने ही इस बारे में मेरी मां बताया." स्नेह अब 22 साल की हैं और उन्होंने एक लंबा सफर तय किया है. वह अपने गांव की एक छोटी फैक्ट्री में काम करती हैं, जहां सैनेटरी पैड बनाया जाता है और व ह अब नायिका बन चुकी हैं. पीरियडः एंड ऑफ सेन्टेन्स, एक डॉक्यूमेंट्री ...