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Showing posts from April, 2019

मुख्य न्यायाधीश के बचाव में उतरे अरुण जेटली: प्रेस रिव्यू

इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक, यौन उत्पीड़न के आरोपों पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का बचाव किया है. जेटली ने अपने ब्लॉग में लिखा है, 'ये न्यायपालिका के साथ खड़े होने का वक़्त है.' उन्होंने लिखा है, "एक जज को उसके न्यायिक और व्यक्तिगत व्यवहार को लगातार परखा जाता है. जब भी वो कोई फैसला लिखता है या कोई टिप्पणी करता है उस पर नज़र रखी जाती है. शालीनता, मूल्य, आचार व्यवहार और ईमानदारी के मामले में मुख्यम न्यायाधीश काफ़ी सम्मानित हैं. " गोगोई के लिए काम कर चुकीं उनकी जूनियर असिस्टेंट ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई को लेकर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. महिला ने सुप्रीम कोर्ट के 22 जजों को चिट्ठी लिखकर इन आरोपों की जांच के लिए विशेष कमिटी बनाए जाने की मांग की थी. द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग़ा ज़ियाबाद के इंदिरापुरम इलाक़े में चार महीनों से बेरोज़गार एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों की गला रेतकर हत्या कर दी. इंजीनियर ने अपने परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक वीडियो भेजकर ...

राज बब्बर को दौड़ा-दौड़ा कर मारने की धमकीः पांच बड़ी ख़बरें

फतेहपुर सीकरी से बसपा कैंडिडेट गुड्डू पंडित का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो इसी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर को 'दौड़ा-दौड़ा कर मारने' की धमकी दे रहे हैं. इस पर राज बब्बर ने प्रतिक्रिया दी, "उनके माता-पिता ने उनको नसीहत दी होगी, वो उन तक नहीं पहुंची तो राज बब्बर की क्या औकात कि उनको कहे?" बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने प्रचार पर लगाई चुनाव आयोग की रोक को लेकर आयोग पर जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त होने का आरोप लगाया है. मायावती ने सोमवार रात लखनऊ में प्रेसवार्ता कर आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाया. मायावती ने कहा कि उन्होंने कोई भी धार्मिक माहौल खराब नहीं किया और आयोग ने कार्रवाई से पहले जो नोटिस उन्हें भेजा था, उसमें भड़काऊ भाषण के मुद्दे का कोई ज़िक्र नहीं था. दरअसल, आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती के प्रचार करने पर 48 घंटे की रोक लगा दी है. चुनाव आयोग की ये रोक 16 अप्रैल यानी मंगलवार से शुरू होगी. मायावती ने उत्तर प्रदेश के देवबंद...

बिहार: जानिए किस उम्मीदवार के लिए राजद ने छोड़ दी अपनी सीट

अस्सी के दशक में भाकपा-माले बिहार के भोजपुर सहित भारत के कई हिस्सों में ग़रीब और वंचित किसानों के हक़ के लिए संघर्ष कर रही थी. इसकी अगुवाई कर रहे थे पार्टी महासचिव कॉमरेड विनोद मिश्र. भूमिगत आन्दोलन के दौर में उनका एक छद्म नाम राजू भी था. इसी दौर में भोजपुर के गोरपा गाँव में भारतीय सेना के पूर्व जवान और भाकपा-माले कार्यकर्ता आरटी सिंह के यहाँ एक बच्चे का जन्म हुआ. उस बच्चे का नाम उन्होंने अपने प्रिय नेता के नाम पर राजू रखा. आज वही राजू यानी राजू यादव आरा सीट से भाकपा-माले के उम्मीदवार हैं. वे लगातार दूसरी बार यहाँ से चुनाव मैदान में हैं. आरा की सीट इस मायने में अभी चर्चा में है कि राजद की अगुवाई वाले महागठबंधन ने वाम दलों के लिए बिहार में जो एक मात्र सीट छोड़ी है वो है आरा लोकसभा की सीट. राजद ने अपने बीस सीटों के कोटे में से भाकपा-माले को यह सीट दी है. ग़ौरतलब है कि बिहार में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अपने चर्चित युवा नेता कन्हैया कुमार के लिए राजद से बेगूसराय सीट की मांग कर रही थी लेकिन राजद इसके लिए तैयार नहीं हुई. राजद का मानना है कि उसने आरा सीट भाकपा-माले के लिए छोड़कर इ...