Posts

Showing posts from January, 2019

कलाम-सैट: इसरो ने लॉन्च किया 1.2 किलो का उपग्रह

भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो ने गुरुवार देर रात दुनिया के सबसे हल्के उपग्रह - कलाम-सैट वीटू को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर दिया है. कलाम-सैट को छात्रों ने बनाया है. इसके साथ ही इमेजिंग उपग्रह माइक्रोसैट-आर को भी अंतरिक्ष में भेजा गया है. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेन्टर से पीएसएलवी44 लांच व्हिकल के ज़रिए इन दोनों उपग्रहों को लॉन्च किया गया. इसरो के चेयरमैन डॉ. के सिवन ने लॉन्च के बाद देर रात इस मिशन के सफल होने की घोषणा की. उन्होंने कलाम-सैट बनाने वाले छात्रों को 'स्पेस-किड ' कहा और उन्हें इसके लिए बधाई दी. उन्होंने कहा "इसरो भारतीयों की संपत्ति है. भारत से सभी छात्रों को निवेदन है कि वो अपने विज्ञान के नए आविष्कारों को लेकर हमारे पास आएं. हम उनके उपग्रह लॉन्च करेंगे और हम चाहते हैं कि वो देश को विज्ञान की दिशा में आगे बढ़ाएं." कलाम-सैट को चैन्नई स्थित स्पेस एजुकेशन फर्म स्पेस किड्ज़ इंडिया नाम की स्टार्ट-अप कंपनी ने बनाया है. डॉ. के सिवन ने कहा, "इस मिशन में कई नई तकनीक का इस्तेमाल हुआ है. पहली बार इसमें पीएसएलवी-सी44 की पेलोड क्षमता को बढ़ाया गय...

पुरानी फ़िल्मों में क्यों होते थे कैबरे डांस?

"लेडीज़ एंड जेंटलमैन, जिस प्रोग्राम का आपको इंतज़ार था वो अब शुरू होता है. दिल थाम कर बैठिए, पेशे ख़िदमत है हिंदुस्तान की मशहूर कैबरे डांसर. वन एंड दो ओनली वन... मोनिका." 1971 में आई फ़िल्म कारवां का ये डायलॉग बताता है कि फ़िल्मों में किस शाही अंदाज़ में हेलेन और उनके कैबरे डांस का इंट्रोडक्शन किया जाता था. इस परिचय के बाद फ़िल्म में आता है हेलेन का वो कैबरे जो आज भी डांस पार्टियों की जान है- 'पिया तू...अब तो आजा'. ऋचा चड्ढा और क्रिकेटर श्रीसंत की नई फ़िल्म कैबरे में ऋचा कैबरे डांसर का रोल कर रही हैं. हिंदी सिनेमा में 50 और 60 के दशक में कैबरे डांस का होना लाज़िमी था. हेलेन, जयश्री टी, बिंदू, अरुणा ईरानी, पदमा खन्ना - ये सब ऐसी कलाकार रहीं जो फ़िल्मों में कैबरे करके मशहूर हुईं. कैबरे पर नज़र डालें तो हिंदी फ़िल्मों में हेलेन से भी पहले एंगलो-इंडियन मूल की कुकु 40 और 50 के दशक में अपने डांस के लिए ख़ूब मशहूर हुईं- चाहे वो राज कपूर की आवारा और बरसात हो या महबूब ख़ान की आन. संगीत से जुड़ी बेबसाइट द सॉन्गपीडिया की संस्थापक दीपा याद दिलाती हैं कि गीता दत्त की आव...

सामान्य वर्ग के लोगों को 10% आरक्षण देने संबंधी बिल लोकसभा में पारित

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए लाया गया संविधान (124वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में पारित हो गया है. लगभग पाँच घंटे की चर्चा के बाद मंगलवार रात को विधेयक पर मतदान हुआ. समर्थन में 323 मत पड़े जबकि विरोध में केवल 3 मत डाले गए. विधेयक पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके इसे ऐतिहासिक बताया. उन्होंने लिखा, "संविधान (124वां संशोधन) विधेयक, 2019 लोकसभा में पास होना हमारे देश के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है. यह समाज के सभी तबकों को न्याय दिलाने के लिए एक प्रभावी उपाय को प्राप्त करने में मदद करेगा." प्रधानमंत्री मोदी ने कुल तीन ट्वीट किए, इसके बाद किए गए ट्वीट में उन्होंने सभी सांसदों का शुक्रिया अदा किया. वहीं तीसरे ट्वीट में लिखा कि उनकी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने लिखा कि उनका प्रयास है कि किसी भी जाति, पंथ के ग़रीब व्यक्ति को गरिमा से जीवन जीने और संभावित अवसरों का मौक़ा मिले. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने लोकसभा मे...