मेजर गोगोईः होटल विवाद कि सज़ा मिलेगी, कश्मीर के बाहर जाएंगे- प्रेस रिव्यू

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में ख़बर है कि भारतीय सेना ने मेजर लीतुल गोगोई को कड़ी फटकार लगाई है और साथ ही पेंशन के लिए उनकी वरिष्ठता में छह महीने की कटौती कर दी है.

मेजर गोगोई को ये सज़ा कश्मीर में एक स्थानीय लड़की के साथ दोस्ती करने, उसे होटल में लेकर जाने और स्थानीय लोगों से झगड़ा करने का दोषी पाए जाने पर दी गई है.

अभी पिछले महीने ही उनके ख़िलाफ़ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पूरी की गई थी.

मेजर गोगोई पहली बार चर्चा में तब आए थे जब साल 2017 में उन्होंने कश्मीरी युवक को ह्यूमन शील्ड यानी मानव ढाल बनाकर सेना की जीप से बांध दिया था.

इसके लिए सेना प्रमुख बिपिन रावत ने उन्हें सम्मानित भी किया था.

अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया लिखता है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच पूरी हो जाने के बाद भी समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.

जस्टिस गोगोई पर उनकी ही एक पूर्व जूनियर ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाएं और उनके ख़िलाफ़ विभागीय जांच चल रही है.

ये जांच सुप्रीम कोर्ट के ही तीन जजों की समिति कर रही है जिसमें जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बैनर्जी शामिल हैं और जस्टिस बोबड़े समिति की अध्यक्षता कर रहे हैं.

समिति अपनी जांच पूरी होने पर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों को सौंपेगी लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.

अख़बार लिखता है कि सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने 2 मई को यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर रही समिति को एक पत्र लिखा था.

इसमें जस्टिस चंद्रचूड़ ने लिखा है कि जांच करने वाली समिति में एक बाहरी सदस्य को भी शामिल किया जाए.

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कुछ रिटायर्ड महिला जजों को भी समिति में शामिल करने का सुझाव दिया है. इसमें जस्टिस रुमा पाल, जस्टिसल सुजाता मनोहर और जस्टिस रंजना देसाई शामिल हैं.

हालांकि सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल ने इस बात से इनकार किया है कि जस्टिस चंद्रचूड़ ने समिति की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस बोबड़े से शुक्रवार को मुलाक़ात की थी.

इंडियन एक्सप्रेस ने इस पर खेद जताते हुए लिखा है कि जस्टिस चंद्रचूड़ ने जस्टिस बोबड़े से गुरुवार को मुलाक़ात की थी न कि शुक्रवार को.

नवभारत टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, किसी पब्लिक मीटिंग या रोड शो के दौरान अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को माला पहनाना या उनसे हाथ मिलाना आसान नहीं होगा.

अगर कोई ऐसा करना भी चाहेगा तो पहले उसे मुख्यमंत्री की सुरक्षा के घेरे को पार करना होगा. यहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही वो केजरीवाल के क़रीब जा पाएगा, वरना नहीं.

शनिवार को मोती नगर इलाक़े में केजरीवाल को थप्पड़ मारे जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने उनकी सुरक्षा में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं, जिसमें एक बदलाव यह भी है कि उनके पास जाने से लोगों को रोका जाए.

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